जहां भारत कोरोना महामारी जैसे बड़े संकट से जुंझ रहा है। वहीं, देश को अब कोरोना संक्रमित मरोजों के लिए ऑक्सीजन की कमी से पैदा होने वाली समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। पूरे देश के कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी से जुडी खबरें लगातार सामने आरही है। ऐसे में देश के नामी उद्योगपतियों ने इस परेशानी से निपटने की जिम्मेदारी उठाने की ठान ली है, इसी के चलते देश में नमक से लेकर हर एक बड़े क्षेत्र में अपने प्रॉडक्ट के लिए जाने जाने वाले टाटा समूह ने भी मदद के लिए आगे आने का फैसला किया है।

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टाटा समूह का बड़ा फैसला :

दरअसल, देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के चलते अस्पतालों ऑक्सीजन की कमी होती जा रही है। यह हाल देश के एक या दो राज्यों के अस्पतालों का नहीं है बल्कि देशभर के कई राज्यों से ऐसी खबरे लगातार आरही है। ऐसे में अब टाटा समूह ने भी भारत में आरही इस समस्या को कुछ हद तक काम करने के लिए लिक्विड ऑक्सीजन की आवाजाही के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनर्स आयात करने का फैसला किया है। कंपनी के इस कदम से देश में हो रही ऑक्सीजन की किल्लत दूर होने में काफी मदद मिलेगी।

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कंपनी ने ट्वीट कर दी जानकारी :

बताते चलें, इस बारे में जानकारी देते हुए टाटा समूह ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर लिखा है कि ‘भारत के लोगों से पीएम नरेंद्र मोदी की अपील प्रशंसनीय है और हम टाटा समूह में, COVID-19 के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए यथासंभव प्रयास कर रहे हैं। ऑक्सीजन संकट को कम करने के लिए, यह स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने का एक प्रयास है।

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कंपनी ने अपने एक दूसरे ट्वीट में लिखा कि, ‘टाटा समूह तरल ऑक्सीजन के परिवहन के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात कर रहा है।’

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