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कोरोना लॉकडाउन की वजह से कारोबार में आई भारी गिरावट को देखते हुए देश के छोटे दुकानदारों ने अपना ई-कॉमर्स पोर्टल जल्द लॉन्च करने का फैसला किया है. यह फैसला इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि रिलायंस जियो और फेसबुक के बीच डील का लक्ष्य भी देश के करोड़ों छोटे दुकानदारों को जोड़ना है.

ई-लाला नाम के इस पोर्टल से लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जरूरी सामान की आपूर्ति की जाएगी, लेकिन इसके बाद इससे सभी तरह के सामान की आपूर्ति होगी.

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इन दिग्गजों को मिलेगी चुनौती!

गौरतलब है कि देश में पहले से ही एमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसी विदेशी कंपनियों के स्वामित्व वाले पोर्टल से ग्रॉसरी और अन्य सामान की ऑनलाइन डिलिवरी होती है. बुधवार को देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस समूह के जियो प्लेटफॉर्म्स और दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी फेसबुक के बीच एक डील हुई है. इसके तहत फेसबुक ने जियो में करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी लेने का ऐलान किया है. इन दोनों कंपनियों का लक्ष्य भी देश के करोड़ों छोटे दुकानदारों तक पहुंच बनाना और वॉट्सऐप के माध्यम से दुकानदारी को बढ़ावा देना है.

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खुदरा दुकानदारों के संगठन कन्फडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के एक पदाधिकारी ने दावा किया है कि यह पोर्टल एक-दो दिन में ही लॉन्च किया जा सकता है. इस संगठन से करीब 7 करोड़ दुकानदार और 40,000 ट्रेड एसोसिएशन जुड़े हैं. संगठन का कहना है कि लॉकडाउन के बीच ग्राहकों को उनके पास के स्टोर से घर तक सामान पहुंचाया जा सके, इसके लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है.

CAIT पश्चिम बंगाल के महासचिव रबिशंकर रॉय ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘प्रयागराज, दिल्ली, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ में एक पायलट प्रोजेक्ट इस बारे में पिछले 7 दिन से चल रहा है. इसमें करीब 800 स्थानीय दुकानदार जुड़े हुए हैं. हम इसे एक-दो दिन में पूरे देश में लॉन्च कर देंगे और इससे करीब 1 लाख दुकानदारों को जोड़ देंगे.’

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रॉय ने बताया कि ई-लाला के लिए टेक्नोलॉजी पार्टनर ग्लोबल लिंकर्स है, जबकि कई उपभोक्ता वितरण संघ और आल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन का भी इसमें सहयोग लिया गया है.

ग्राहकों को देना होगा मामूली चार्ज!

रॉय ने बताया कि यह पोर्टल व्यापारियों के लिए फ्री होगा, जबकि ग्राहकों को इसकी सेवाएं लेने के लिए सिर्फ सामान की डिलीवरी चार्ज देना होगा.