All-inclusive Union Budget to make India self-reliant and prosperous - Vaibhav Pawar
भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का सर्वसमावेशी केंद्रीय बजट-वैभव पवार

भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 का जो बजट पेश किया है वह निश्चित ही विकास का नया विश्वास लेकर आया है। इस बजट में गाँव हैं, गरीब हैं, किसान हैं, युवा हैं, महिला हैं, लघु एवं मध्यम कारोबारी हैं और रोजगार के अवसरों की असीमित संभावनाएं हैं। इस बजट में आगामी 25 वर्षों तक देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने वाली दृष्टि भी है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के के अंतर्गत इस वर्ष सरकार ने 16 लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है।

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आम आदमी को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स की दरें यथावत रखी हैं, जबकि कॉर्पोरेट टैक्स को 18 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने का ऐलान किया है। दिव्यागों के लिए करों में राहत का प्रावधान किया है।

इस बजट में किसान कल्याण पर बल देते हुए गंगा कॉरिडोर के माध्यम से रासायनिक मुक्त कृषि को बढ़ावा देने, एमएसपी के जरिये 2.37 लाख करोड़ की गेहूं-धान की खरीद करने, खेती में ड्रोन को प्रयोग में लाने तथा लैंड रिकॉर्ड्स के डिजिटाइजेशन की योजना पर जोर देने जैसी महत्वपूर्ण प्रावधान सराहनीय हैं।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार गरीब, पिछड़े एवं किसानों के प्रति समर्पित है। सबका साथ-सबका विकास-सबका, सबका-विश्वास और सबका-प्रयास सरकार का मूलमंत्र है। इसलिए सरकार ने सरकार ने वर्ष 2022-23 में पीएम आवास योजना के तहत 80 लाख मकान बनाए जाने का प्रावधान किया है, जिसके लिए 48 हजार करोड़ का फंड रखा गया है।

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ये बहुत ही प्रगतिशील बजट है, ये पिछले साल के बजट की निरंतरता में है। इस बजट से भारत की लंबे समय तक ग्रोथ होगी, इसकी खासियत ये है कि ये पूंजीगत व्यय पर फोकस करता है। पिछले साल 5.54 लाख करोड़ दिए गए थे इसे बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ कर दिया गया है।

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केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश की केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए जो बजटीय प्रावधान किया है, उससे बुंदेलखंड के 9 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

वहीं, देश में एक डिजिटल यूनिवर्सिटी खोली जाएगी, जिसमें अनेक भाषाओं में पढ़ाई होगी। शिशुओं के स्वस्थ विकास के लिए सरकार ने 2 लाख से अधिक आंगनबाड़ियों को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।

बजट कोई राहत पैकेज नहीं होता, बजट आय और व्यय का अनुमान होता है। निश्चित ही यह बजट दूरगामी सोच के साथ भारत के विकास लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

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