एम्स ने नियमित रूप से नियमित रूप से वॉक-इन ओपीडी रोगी पंजीकरण बंद करने का फैसला किया है। विशेष क्लीनिक और सभी केंद्रों सहित प्रभावित रोगियों के उपचार के लिए कोरोना वायरस के प्रसार की संभावना को कम करने के लिए यह निर्णय 8 अप्रैल से प्रभावी होगा। आदेश में कहा गया है कि ओपीडी/विशेषता क्लीनिक केवल ऐसे रोगियों के लिए आवश्यक सेवाएं प्रदान करते रहेंगे, जिन्‍होंने पहले से ही पंजीकरण कराया होगा।

Advertisement

बीजापुर हमला: अगवा जवान की दो दिन में हो सकती है रिहाई, नक्सलियों ने सरकार के सामने रखी ये शर्त

सभी विभागों के प्रमुखों को भेजे गए एक आदेश में कहा गया कि चल रहे COVID-19 महामारी के समुदाय प्रसार की संभावना को कम करने की आवश्यकता को देखते हुए, COVID-19 रोग के संदिग्ध/पुष्टि किए गए रोगियों की देखभाल और उपचार के लिए उपलब्ध मानव शक्ति व सामग्रियों, संसाधनों के मोड़ को देखते हुए 8 अप्रैल से एम्स अस्पताल और सभी केंद्रों में विशेष क्लीनिक सहित नियमित रूप से वॉक-इन ओपीडी रोगी पंजीकरण में कमी करने का निर्णय लिया गया है।

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, पब्लिक प्लेस है कार, अकेले हों तब भी मास्क पहनना जरूरी

संबंधित विभाग COVID-19 योगदान करने के बाद उपलब्ध ताकत के आधार पर अगले चार सप्ताह के लिए आउट पेशेंट विभाग (OPD) में नए रोगियों की सीमा तय कर सकते हैं।

BJP नेत्री के बेटे ने नशे में अंधाधुंध दौड़ाई कार,कई गाड़ियों को मारी टक्कर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) मुख्य अस्पताल के विभागों को भी ई-मेल के माध्यम से प्रभारी और ओपीडी सेवाओं को सूचित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि संशोधनों के लिए कंप्यूटर सुविधा को सूचित किया जा सके।

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply