कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. देश में जारी लॉकडाउन को बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है. ऐसे में दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस अपने राज्य में भेजने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा दी गई रियायत के बाद कई राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार से इन्हें ट्रेन से भेजे जाने की अपील की थी. जिसके बाद भारत सरकार ने ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ चलाने का फैसला लिया है, जिससे प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य भेजा जा सके.

रिलायंस जियो ने लॉन्च की जियोमीट ऐप, इसके फ्री प्लान 5 यूजर्स औप बिजनेस प्लान में 100 यूजर्स एक साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकेंगे

भारतीय रेलवे ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा है कि जोनल रेलवे, राज्य प्रशासन की मांग के हिसाब से ट्रेन चलाने वाली है. जिसके लिए स्थानीय डीएम (जिलाधिकारी) और डीआरएम (संभागीय रेलवे प्रबंधक) एक दूसरे से संपर्क कर रहे हैं. इस बारे में अगर कोई विशेष जानकारी हुई तो जोनल सीपीआरओ (मुख्य जनसंपर्क अधिकारी) बताते रहेंगे.

इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मजदूरों की वापसी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग को लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल से बात की थी. राज्य सरकार के अनुसार झारखंड के तकरीबन 9 लाख लोग दूसरे राज्यों में फंसे हैं, जिसमें 6.43 लाख प्रवासी मजदूर हैं और बाकी लोग नौकरी व अन्य काम की वजह से हैं. इसके बाद शुक्रवार सुबह 5 बजे तेलंगाना के लिंगमपेल्ली से एक स्पेशल ट्रेन रवाना हुई. इस ट्रेन में कुल 1200 मजदूर और 24 कोच थे. हर कोच में सिर्फ 56 मजदूरों को बैठने की इजाजत दी गई थी.

अमृतसर से ब्रिटेन के लिए विशेष विमान, 271 नागरिकों को भेजा गया वापस

तेलंगाना के अलग-अलग शहरों में फंसे झारखंड के लगभग 1200 मजदूर आधी रात को विशेष ट्रेन से रांची पहुंचे. यहां से सैनिटाइज्ड बसों में इन मजदूरों को इनके गृह जिलों में पूरे एहतियात और जांच के साथ भेजा गया है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रात सवा ग्यारह बजे के करीब जैसे ही ट्रेन हटिया स्टेशन पर रुकी, मजदूरों की चेहरे की चमक में पिछले 40 दिनों की सारी मुश्किलें छिप गईं. रेलवे स्टेशन पर इन मजदूरों का मेहमानों की तरह स्वागत हुआ, राज्य सरकार के अधिकारियों ने इन्हें गुलाब के फूल दिए और इनके लिए खाने की व्यवस्था की.

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक, हर राज्य को बसों के जरिए अपने यहां के मजदूरों को वापस लाने का काम शुरू करना होगा. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, क्वारनटीन, सैनिटाइजेशन, स्क्रीनिंग समेत हर नियम का पालन करना जरूरी होगा.

भारत ने ढेर किए पाक के पांच सैनिक, एक चौकी भी उड़ाई, गोलाबारी में दो भारतीय जवान भी शहीद

केंद्र की गाइडलाइन के बाद बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड समेत कई राज्यों ने स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की थी. क्योंकि मजदूर लाखों की संख्या में बाहर फंसे हैं, ऐसे में उन्हें बसों के जरिए लाना मुश्किल होगा.

बीते दिन दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश ने अपने राज्य के मजदूरों और छात्रों को वापस लाने का काम शुरू कर दिया है. कई जगह स्पेशल बसें भेजी जा रही हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि मजदूर जहां हैं, वहां ही रुकें जल्दबाजी ना करें, राज्य सरकार की ओर से बसें वहां पर ही भेजी जाएंगी.

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply