आधार कार्ड में दर्ज आम आदमी की निजी जानकारी की विश्वसनीय को लेकर बड़ा सवाल उठा है। मामला पुदुचेरी का है। यहां डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया नामक संस्था ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि भाजपा ने आधार डाटा का इस्तेमाल किया है। संस्था का आरोप है कि भाजप ने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर हासिल कर लिए और वोटर्स को संदेश भेजे। लोगों को मोबाइल पर संदेश भेजकर बूथ स्तर के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने को कहा गया। अब हाई कोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए तल्ख टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने UIDAI से पूछा है कि आखिर भाजपा तक आधार का डेटा कैसे पहुंचा? साथ ही UIDAI से पूरे मामले की जांच करने और रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

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सुनवाई के दौरान जजों ने चुनाव आयोग से पूछा है कि क्यों ना चुनाव स्थगित कर दिया जाए? बता दें, अभी देश में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है और 2 मई को नतीजे घोषित होंगे। इनमें पुदुचेरी भी शामिल है

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Aadhaar Data Leak मामले में हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, आरोप लगाया गया है कि केवल आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल फोन पर एसएमएस संदेश भेजे गए हैं। यूआईडीएआई इसका जवाब दे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि ऐसा कोई निकाय जानकारी की गोपनीयता का पूरा ख्याल रखेगा।

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इससे पहले पिछले हफ्ते हाई कोर्ट ने यूआईडीएआई को तुरंत यह पता लगाने का निर्देश दिया था कि क्या नागरिकों के आधार डेटा से समझौता किया गया है। उस सुनवाई के दौरान भी यूआईडीएआई से यह पता लगाने के लिए कहा था कि क्या बीजेपी की पुदुचेरी इकाई यूआईडीएआई डेटाबेस से केंद्र शासित प्रदेश में मतदाताओं के मोबाइल फोन नंबरों का उपयोग करने में सक्षम थी, जैसा कि एक जनहित याचिका द्वारा दावा किया गया था।

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