पांच कांग्रेस विधायकों ने गुजरात की 2 राज्यसभा सीटें जीतने पर पानी फेर दिया..

पांच कांग्रेस विधायकों ने गुजरात की 2 राज्यसभा सीटें जीतने पर पानी फेर दिया..

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मध्य प्रदेश कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद से उथल-पुथल मची है. 22 कांग्रेसी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से फ्लोर टेस्ट कराने को कहा था, लेकिन विधानसभा स्पीकर ने कोरोना वायरस इंफेक्शन का हवाला देकर विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च के तक के लिए स्थगित कर दी है. बीजेपी फ्लोर टेस्ट की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. उधर गुजरात में भी इसी तरह की उथल-पुथल मचने लगी है. गुजरात के पांच कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. 26 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में विधायकों का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है. अब कांग्रेस अपने विधायकों को जयपुर भेज रही है.

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पहले चार विधायकों ने इस्तीफा दिया था

पहले खबर आई थी कि गुजरात विधानसभा स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी को चार कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा भेजा है. जिसे स्पीकर ने स्वीकार भी कर लिया है. 16 मार्च की सुबह एक और विधायक ने इस्तीफा दे दिया. इंडिया टुडे की रिपोर्टर गोपी मनियार ने बताया कि सोमवार की सुबह दांग विधायक मंगल गामित ने भी इस्तीफा दिया है

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एक दिन पहले चार विधायक गायब हो गए थे

कांग्रेस ने 14 मार्च को 14 विधायकों का पहला बैच जयपुर भेजा था, उनमें से चार विधायक गायब थे. इन्हीं चारों ने कुछ देर बाद इस्तीफा दे दिया. स्पीकर ने इनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया, लेकिन चारों के नाम उजागर नहीं किए. PTI के मुताबिक, उन्होंने कहा,

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‘शनिवार को चार कांग्रेसी विधायकों ने मुझे इस्तीफा भेजा. मैं उनके नाम सोमवार को विधानसभा में बताऊंगा.’

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खबरों के मुताबिक, धारी के विधायक जेवी काकड़िया, सुरेंद्रनगर के विधायक सोमाभाई पटेल, अबडासा के विधायक प्रद्युमन सिंह जाडेजा और गढाडा विधायक प्रवीण मारू ने इस्तीफा दिया है.

कांग्रेस ने कहा था ‘सब अफवाह है’

चार विधायकों के इस्तीफे की खबर को शुरुआत में कांग्रेस ने गलत बताया था. गुजरात कांग्रेस विधायक विरजीभाई थुम्मार ने 15 मार्च को कहा था,

‘अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन पार्टी को अभी तक कोई इस्तीफा नहीं मिला है. कल तक सोमाभाई हमारे संपर्क में थे.’

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कांग्रेस क्यों जयपुर भेज रही है विधायक?

राज्य सभा चुनाव के पहले पार्टी को हॉर्स-ट्रेडिंग का डर है. अपने विधायकों को पार्टी में ही रखने के मकसद से जयपुर भेज रही है. गुजरात विधानसभा में 180 सीटें हैं. BJP के पास 103, कांग्रेस के पास 73, दो सीटें भारतीय ट्राइबल पार्टी और एक सीट नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के पास है. एक निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी हैं. चार विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो जाने के बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या 69 रह गई है. पांचवें विधायक के इस्तीफे की मंजूरी के बाद संख्या 68 हो जाएगी.

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राज्य सभा की चार सीटें हैं जिन पर चुनाव होगा. BJP ने तीन उम्मीदवार- अभय भारद्वाज, रमीला बारा और नरहरी आमीन को चुनाव में उतार दिया है, लेकिन संख्या के आधार पर दो ही सीटों पर कब्जा हो सकता था. तीन सीटें जीतने के लिए 111 वोटों की जरूरत होगी. कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग से ये संख्या BJP को मिल सकती है. वहीं कांग्रेस को उम्मीद थी कि जिग्नेश मेवानी के समर्थन के बाद उसके पक्ष में 74 विधायक हो जाएंगे और दो सीटों पर उन्हें जीत मिलेगी, लेकिन पांच विधायकों के छिटक जाने के बाद जीत की उम्मीद एक ही पर सिमट जाएगी. कांग्रेस ने शक्तिसिंह गोहिल और भरतसिंह सोलंकी को टिकट दिया है. लेकिन संख्या कम होने की वजह से इनमें से एक ही राज्यसभा जा पाएंगे.

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गुजरात से राज्यसभा के चार सांसद चुनी भाई गोहिल, लाल सिंह बड़ोदिया, शंभू प्रसाद टुंडिया और मधुसूदन मिस्त्री का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है. इन चारों में से मिस्त्री कांग्रेसी सांसद हैं और बाकी तीन BJP से हैं.

https://youtu.be/JJukEbepdyU

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