दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर का कहर जारी है और मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन इस बीच हिंदू राव अस्पताल से बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि कम से कम 23 कोरोना मरीज बिना सूचित किए अस्पताल से चले गए।

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वहीं, मरीजों के बिना बताए जाने के बाद प्रशासन ने भी सख्ती बढ़ा दी है। अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तरी दिल्ली नगर का बाड़ा हिंदूराव सबसे बड़ा अस्पताल है। निगम ने इसे 19 अप्रैल को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए शुरू किया था, जिसमें 240 बिस्तर आक्सीजन के हैं तो वहीं 10 वेंटिलेटर हैं। यह सिविल लाइंस इलाके में सबसे पुराने अस्पतालों में से एक है। इसकी कुल क्षमता 900 बिस्तर की है। अस्पताल प्रशासन की शिकायत के बाद पुलिस इन मरीजों के पते और फोन नंबर की जानकारी लेकर इन्हें ढूंढ़ने की कोशिश में जुटी है, ताकि इन्हें समय रहने आइसोलेट किया जा सकें।

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निगम के अस्पताल में जहां 23 कोरोना के मरीज फरार हो गए हैं, वहीं 26 मरीज लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइज (लामा) के तहत अस्पताल से खुद ही छुट्टी लेकर चले गए। लामा वह प्रक्रिया है जिसमें मरीज अपनी मर्जी से अस्पताल से छुट्टी लेता है, जबकि डाक्टर उसे अस्पताल में दाखिल रहने की सलाह देते हैं। हालांकि इसमें बहुत बड़ी संख्या में ऐसे भी मरीज होते हैं जिन्हें दूसरे बेहतर अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था हो जाती है तो वे वहां चले जाते हैं या कई मरीज घर पर ही इलाज की कोशिश करते हैं।

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