नई दिल्ली: देश में लॉकडाउन दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है. इस संबंध में केंद्र सरकार की तरफ से बयान जारी किया गया है. ग्रीन और ऑरेंज जोन में थोड़ी राहत दी जाएगी लेकिन रेड जोन में फिलहाल किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी. आगे चलकर सरकार की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से इस लॉकडाउन में जनता को धीरे-धीरे राहत दी जाएगी.

Advertisement

देश में 130 रेड जोन वाले जिले हैं. ऑरेंज जोन में 284 जिले हैं और ग्रीन जोन में 319 जिले हैं. ग्रीन जोन में मॉल, स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थान अभी भी बंद रहेंगे.

लॉकडाउन में फंसे लोगों के लिए राहत, देश के इन 6 रूटों पर चलेंगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन..

गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत आदेश जारी कर लॉकडाउन को 4 मई के बाद दो सप्ताह के लिए बढ़ाया है. गृह मंत्रालय ने कहा कि कुछ गतिविधियां पूरे भारत में सभी जोन में बंद रहेंगी जिसमें हवाई मार्ग, रेल, मेट्रो और सड़क मार्ग द्वारा अंतर्राज्यीय आवागमन सहित स्कूलों, कॉलेजों, और अन्य शैक्षिक और प्रशिक्षण / कोचिंग संस्थानों का संचालन शामिल है.

बता दें कि कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसी के मद्देनजर लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या आज बढ़कर 1,152 हो गई. अब तक 35,365 लोग संक्रमित हुए हैं.

संकट में मजदूर, ये रुके तो देश रुक जाएगा’, राहुल-प्रियंका ने श्रमिकों को किया सलाम..

इससे पहले गृह मंत्रालय की तरफ से लॉकडाउन के कारण फंसे हुए लोगों की आवाजाही के लिए ट्रेनों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी. इसके बाद अब रेलवे ने कहा है कि गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है.

रेलवे ने कहा, ”यात्रियों के रवाना होने से पहले राज्यों द्वारा उनकी जांच की जाएगी और जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे, उन्हें ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी.”

बयान में कहा गया है कि राज्यों द्वारा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए यात्रियों को जत्थों में और संक्रमणमुक्त बसों में स्टेशन तक लाया जाएगा.

डोनाल्ड ट्रंप बोले- WHO चीन के लिए PR एजेंसी की तरह..

इससे पहले गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया था कि रेल से मजदूरों, तीर्थयात्रियों और छात्रों की आवाजाही के बारे में आदेश दे दिए गए हैं. रेलवे बोर्ड इसकी व्यवस्था करेगा. राज्यों को रेलवे बोर्ड से संपर्क करना होगा.

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply