कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से पेश अंतरिम बजट को ‘भाजपा का चुनावी’ घोषणापत्र’ करार देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश की गई है।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता खड़गे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ इस बजट को मैं यही कहूंगा कि यह भाजपा का घोषणापत्र है। पांच साल में इन्होंने क्या किया, कितने वादे पूरे किए, इस बारे में कुछ नहीं बताया। हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये देने के बारे में कुछ नहीं कहा। पांच साल में 10 करोड़ नौकरियां देने के वादे पर कुछ नहीं कहा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश कर रही है।


खड़गे ने कहा, ‘‘आयकर में छूट की सीमा पहले भी बढ़ती रही है। इस बार सदन में भाजपा के लोग ऐसे मोदी-मोदी कर रहे थे कि लगा कि कोई तमाशा हो गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह लेखानुदान था। इसकी बजाय उन्होंने एक साल का बजट रखा और लोगों को गुमराह करने कोशिश की गई है। ये समझते हैं कि इन घोषणाओं से उनको वोट मिलेंगे, लेकिन लोगों को पता है कि इन्होंने पहले किस तरह से वादे किए और फिर धोखा दिया।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पहले इन्होंने बोला था कि 15 लाख देंगे। पहले ये तो दो। चुनाव को देखते हुए आयकर की सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से पेश अंतरिम बजट को ‘भाजपा का चुनावी’ घोषणापत्र’ करार देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश की गई है।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता खड़गे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ इस बजट को मैं यही कहूंगा कि यह भाजपा का घोषणापत्र है। पांच साल में इन्होंने क्या किया, कितने वादे पूरे किए, इस बारे में कुछ नहीं बताया। हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये देने के बारे में कुछ नहीं कहा। पांच साल में 10 करोड़ नौकरियां देने के वादे पर कुछ नहीं कहा।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश कर रही है।
खड़गे ने कहा, ‘‘आयकर में छूट की सीमा पहले भी बढ़ती रही है। इस बार सदन में भाजपा के लोग ऐसे मोदी-मोदी कर रहे थे कि लगा कि कोई तमाशा हो गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह लेखानुदान था। इसकी बजाय उन्होंने एक साल का बजट रखा और लोगों को गुमराह करने कोशिश की गई है। ये समझते हैं कि इन घोषणाओं से उनको वोट मिलेंगे, लेकिन लोगों को पता है कि इन्होंने पहले किस तरह से वादे किए और फिर धोखा दिया।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पहले इन्होंने बोला था कि 15 लाख देंगे। पहले ये तो दो। चुनाव को देखते हुए आयकर की सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया.

@sandeep

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