प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को मुश्किल में ला खड़ा किया है। पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयान देने के आरोप में चुनाव आयोग ने सिद्धू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सिद्धू को जवाब देने के लिए चुनाव आयोग ने महज 24 घंटे का वक्त दिया है।

मामला 29 अप्रैल का है जब भोपाल की एक रैली में नवजोत सिंह सिद्धू चुनावी बयानबाज़ी करते हुए प्रधानमंत्री पद की गरिमा तक भूल गए। राफेल को मुद्दा बनाकर सिद्धू ने पीएम मोदी पर राष्ट्रद्रोह का आरोप लगाया। इतना ही नहीं सिद्धू ने पीएम को राफेल का दलाल तक कह दिया था।

इन दिनों नेताओं पर क्यों है चुनाव आयोग

उन्होंने कथित तौर पर प्रधानमंत्री पर राफेल विमान सौदे में पैसा बनाने का आरोप लगाया था। सिद्धू ने इसके साथ ही मोदी पर यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने अमीरों को राष्ट्रीयकृत बैंकों को लूटने के बाद देश से भागने की अनुमति दी।

सिद्धू के इस बयान पर बीजेपी ने आपत्ति जताई थी और 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव आयोग से शिकायत की थी। मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी ने अपनी जांच में सिद्धू के बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानना और उन्हें नोटिस जारी कर अगले 24 घंटे के अंदर जवाब देने का कहा है।

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सिद्धू के टिप्पणी को प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना है। आयोग ने अप्रैल में सिद्धू पर 72 घंटों के लिए प्रचार करने पर रोक लगायी थी। आयोग ने सिद्धू पर यह कार्रवाई मुस्लिम समुदाय को कथित तौर पर यह चेतावनी देने के लिए की थी कि बिहार में उनके वोटों को विभाजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

@vicharodaya

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