मप्र के नये मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही महज 2 घंटे के अंदर ही अपने वचन पत्र को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी सबसे पहले किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू की ओर अब मप्र में हुए व्यापमं घोटाले की जांच और व्यापमं को बंद कारने की तैयारी। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि व्यापम भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है। आम लोगों को इसके नाम से डर लगने लगा है। इसलिए जल्द ही इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।

आपको बता दे कि शिवराज सरकार में व्यापमं का गठन तकनीकी शिक्षा विभाग ने किया था जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार की परीक्षाओ का आयोजन कराया जाता था किंतु व्यापम में हुई गड़बड़ी को देखते हुए कमलनाथ ने व्यापम को बंद करने का फैसला लिया है और उसकी जगह राज्य कर्मचारी चयन आयोग जैसी संस्था का गठन करेंगे जो कि अब विभिन्न परीक्षाओ का आयोजन करेगी। इसमे ध्यान रखा जायगा की इस पर किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो, और इसमें होने वाली परीक्षा को पारदर्शीता में रखा जायगा खास कर युवाओं को किसी प्रकार की दिक्कतें ना हो। नई सरकार इसके लिये पूरी तैयारी कर चुकी है और जल्द ही इस नई संस्था के नाम के एलान करने की उम्मीद है

हालांकि नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि किसी संस्था को बंद करने या नाम बदलने से कुछ हासिल नहीं होता। जरूरत इस बात की है कि संस्थाओं में चल रही गड़बड़ियों को सुधारा जाए।

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