नर्मदा जिले में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा के अनवारण से पहले राज्य की बीजेपी सरकार ने पूरे प्रदेश में एकता यात्राएं निकाली थीं।

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गुजरात सरकार ने गुरुवार को जिले के कलेक्टरों और म्यूनिसिपल कमिश्नरों को आदेश दिया कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों में पटेल की मूर्ति स्टैचू ऑफ यूनिटी की रेप्लिका (प्रतिकृति) लगवाई जाएं। ये रेप्लिका अक्टूबर में मूर्ति के उद्घाटन के वक्त निकाली गई एकता यात्राओं के दौरान दी गई थीं। स्कूल-कॉलेजों को यह काम पूरा करने के लिए महज दो दिन (15 दिसंबर) का वक्त दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से यह आदेश अडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) आनंद मोहन तिवारी ने दिया है। आदेश के मुताबिक, 15 दिसंबर को मूर्ति लगाए जाने के कार्यक्रम में स्थानीय विधायकों और सांसदों को भी न्योता दिया जाए। बता दें कि 15 दिसंबर 1950 को सरदार पटेल का निधन हो गया था।

नर्मदा जिले में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा के अनवारण से पहले राज्य की बीजेपी सरकार ने पूरे प्रदेश में एकता यात्राएं निकाली थीं। इन रैलियों में सरकार की ओर से सभी स्कूलों और कॉलेजों में इस मूर्ति की रेप्लिका बांटी गई थी। इस मामले पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी अंजू शर्मा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि रेप्लिकाओं का स्कूल-कॉलेजों में लगवाने का मकसद आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करना और उन्हें देश निर्माण और उसके एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान और कुर्बानियों से परिचित कराना है।

सरकार के सर्कुलर में यह साफ किया गया है कि जिन रेप्लिका को नुकसान पहुंचा है, उन्हें बिना मरम्मत न लगवाया जाए। एकता यात्रा के नोडल अफसरों को निर्देश दिया गया है कि वे मूर्तियों की इन प्रतिकृतियों की हालत की समीक्षा करें। जिनको ज्यादा नुकसान पहुंचा है, उन्हें नहीं लगाया जाएगा। स्कूल और कॉलेजों को यह भी निर्देश मिला है कि वे इन मूर्तियों को लगवाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करें और उसमें सांसदों और विधायकों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि मूर्तियों का ठीक तरीके से माल्यार्पण हो।

@sandeep

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